cropped-cropped-00A74A9F-DCCF-4CD7-834F-90A3CE2B5467.png
Join Community
Screenshot_2026-04-08_164106-removebg-preview
न्यायालय से विवाहिता को मिली राहत, अधिवक्ता उमेश साहू की कोर्ट में बड़ी जीत-केस फाइल होने की तारीख से पति देगा भरण-पोषण, एरियर राशि पहुंची 4 लाख के पार

भोपाल। भोपाल की रहने वाली एक पीड़ित महिला को कुटुंब न्यायालय भोपाल से बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यायालय ने महिला की आर्थिक स्थिति और उसके पति की आमदनी को ध्यान में रखते हुए ₹10,000 प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने का आदेश पारित किया है। मामले की जानकारी देते हुए आवेदिका के वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश साहू ने पत्रकार संतोष राज को बताया कि आवेदिका श्रीमती पूजा गुप्ता का विवाह वर्ष 2021 में सीहोर निवासी विराम कौशल के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा और वर्ष 2022 में उसे हमीदिया अस्पताल भोपाल में लावारिस छोड़ दिया गया। पीड़ित महिला पिछले ढाई वर्षों से अपने मायके में रह रही थी। कई बार सामाजिक और पुलिस काउंसलिंग के माध्यम से साथ रहने के प्रयास किए गए, लेकिन पति ने उसे साथ रखने से साफ इनकार कर दिया था। इसके पूर्व पति द्वारा सीहोर न्यायालय में पत्नी के विरुद्ध लगाया गया विवाह शून्यकरण का प्रकरण भी अधिवक्ता उमेश साहू ने निरस्त करवा दिया था। इसके बाद अधिवक्ता उमेश साहू ने आवेदिका की ओर से धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कुटुंब न्यायालय भोपाल में भरण-पोषण का प्रकरण प्रस्तुत किया। प्रकरण में अनावेदक पति की अनुपस्थिति और असहयोग के कारण न्यायालय द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की गई। प्रधान न्यायाधीश श्रीमती वंदना जैन के न्यायालय ने दोनों पक्षों की स्थिति का आकलन करते हुए आदेश दिया कि पति अपनी पत्नी को आवेदन प्रस्तुति दिनांक 27 जुलाई 2023 से ₹10,000 प्रतिमाह भरण-पोषण राशि का भुगतान करे। आवेदन दिनांक से आदेश पारित होने तक की यह एरियर राशि लगभग ₹4 लाख हो चुकी है, जिसे पाने की आवेदिका हकदार है। महिला को न्याय दिलाने और इस महत्वपूर्ण कानूनी जीत पर समाज के प्रबुद्ध जनों और सहयोगियों ने अधिवक्ता उमेश साहू को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *