स्वर्ण कला बोर्ड के पुनर्गठन की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन; पूरे प्रदेश में संगठन विस्तार कर स्वर्णकार समाज के उत्थान के लिए काम करेगी समिति



भोपाल। सुनार समाज के आराध्य देव भगवान अजमीढ़ देव जी की जयंती पर सोमवार को प्रोफेसर कॉलोनी स्थित स्वर्णकार उद्यान में श्रद्धा और उत्साह के साथ जयंती समारोह आयोजित किया गया। पत्रकार संतोष राज को मिली जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, विधायक भगवानदास सबनानी और महापौर मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं समाज के गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। अतिथियों ने अजमीढ़ देव जी की पूजा-अर्चना कर समाज की एकता और उत्थान का संदेश दिया। समारोह में अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सर्राफ (सोनी), मध्यप्रदेश सरकार समाज कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष ओ.पी. सोनी तथा मध्यप्रदेश स्वर्णकार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष दुर्गेश सोनी सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि भगवान अजमीढ़ देव जी की जयंती समाज की धार्मिक आस्था, गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संगठन, आपसी समन्वय और युवाओं की भागीदारी आवश्यक है। समाज के सम्मान, स्वाभिमान और सर्वांगीण विकास के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया गया। समारोह में समाज की एकजुटता, स्वाभिमान और उत्थान के उद्देश्य से सोनी समाज स्वाभिमान समिति (मध्यप्रदेश) का गठन किया गया। समिति के संयोजक दुर्गेश सोनी बनाए गए हैं। वहीं, गोपाल मालवीय सोनी को अध्यक्ष तथा राकेश सोनी और राजेश सोनी (इंडस्टाउन) को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महासचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सहकोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा बाद में की जाएगी। नवनियुक्त अध्यक्ष गोपाल मालवीय सोनी ने बताया कि समिति शीघ्र ही पूरे मध्यप्रदेश में अपने सदस्यों एवं पदाधिकारियों की नियुक्ति करेगी। संगठन का उद्देश्य सकल स्वर्णकार समाज को एक मंच पर लाना, सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा समाज के सम्मान, स्वाभिमान और सर्वांगीण उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना है। उन्होंने कहा कि समिति सामाजिक हितों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाएगी और समाजजनों की सहभागिता से संगठन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। समारोह के दौरान मध्यप्रदेश में स्वर्ण कला बोर्ड को पुनः गठित करने की मांग भी उठाई गई। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बोर्ड को दोबारा स्थापित करने का आग्रह किया गया, ताकि स्वर्णकार समाज की समस्याओं, हितों और कल्याण से जुड़े मुद्दों को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में भगवान अजमीढ़ देव जी की पूजा-अर्चना एवं महाप्रसादी वितरण किया गया। आयोजन में महिला एवं युवा प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।