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संत आशारामजी बापू के आत्मसाक्षात्कार दिवस पर भव्य आयोजन, सेवा अभियान से 62 हजार से अधिक लोग लाभान्वित

छिंदवाड़ा: संस्कृत पुस्तकोन्नति सभा द्वारा संचालित संत श्री आशारामजी आश्रम, खजरी में संत शिरोमणि पूज्य आशारामजी बापू का 62वां पावन आत्मसाक्षात्कार दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। श्री योग वेदांत सेवा समिति के तत्वावधान में इस पावन अवसर पर जिले में जगह-जगह भव्य आयोजन संपन्न हुए। पत्रकार संतोष राज से मिली जानकारी के अनुसार, समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने बताया कि आज से ठीक 62 वर्ष पूर्व पूज्य बापूजी को उनके पूज्य गुरुदेव स्वामी श्री लीलाशाहजी महाराज की असीम कृपा से परम आत्मज्ञान (ब्रह्मज्ञान) की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि आत्मज्ञानी महापुरुष की महिमा अपरंपार होती है, जिन्हें स्वयं त्रिदेव—भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी प्रणाम करते हैं। समिति अध्यक्ष ने यह भी कहा कि तमाम प्रकार के कुप्रचार के बावजूद आज भी देश-विदेश के सभी आश्रम यथावत संचालित हैं और करोड़ों श्रद्धालु अनवरत रूप से जुड़े हुए हैं, जो कि गुरुतत्व का सबसे बड़ा चमत्कार है। साधकों का दृढ़ विश्वास है कि परमात्मा चाहे जहां भी रहें, उनकी ब्रह्मज्ञान की महिमा सदैव अक्षुण्ण रहती है। महोत्सव के अवसर पर खजरी आश्रम में प्रातः काल से ही बड़ी संख्या में साधक-भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर 11 बजे से पूज्य गुरुदेव के श्री चरण पादुका का विधि-विधान से पूजन किया गया, जिसके बाद सामूहिक रूप से श्रीगुरुगीता और श्री आशारामायण जी के पाठ का गायन हुआ। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे (भोजन प्रसादी) का आयोजन किया गया। इसके साथ ही, नगर में एक भव्य कीर्तन यात्रा निकाली गई, जिसके दिव्य भजनों ने पूरे शहर को हरिनाम से गुंजायमान और भक्तिमय कर दिया। उत्सव के उपलक्ष्य में शहर के आम नागरिकों के बीच पुलाव और हलवे का महाप्रसाद वितरित किया गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को दैनिक आवश्यकता की सामग्री भेंट की गई। समिति के अनुसार, इस पूरे सेवा अभियान से लगभग 62 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। छिंदवाड़ा के मीडिया प्रभारी भगवानदीन साहू ने बताया कि मध्य प्रदेश सहित देश और दुनिया भर में स्थित पूज्य बापूजी के 550 से अधिक आश्रमों में भी इसी प्रकार के भव्य आयोजन संपन्न हुए, जिनमें करोड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। इस दौरान सभी आश्रमों में पूज्य बापूजी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और शीघ्र रिहाई की कामना को लेकर विशेष जप, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस वृहद दैवीय कार्य और महोत्सव को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई, खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई, गुरुकुल प्रभारी सोमनाथ पवार, ऋषि प्रसाद साहित्य के जोन प्रभारी तुकाराम जी, महिला आश्रम की संचालिका साध्वी नीलू बहन, लिंगा आश्रम की संचालिका साध्वी प्रतिमा बहन, साध्वी रेखा बहन सहित पी. आर. शेरके, धनाराम सनोडिया, एम. आर. पराड़कर, गेंदराव कराडे, रमाकांत सूर्यवंशी, सुभाष इंगले और ओमप्रकाश गुप्ता ने अपनी सक्रिय सेवाएं दीं। वहीं महिला समिति से विमल शेरके, डॉ. मीरा पराड़कर, योगिता पराड़कर, शकुंतला कराडे, निर्मला पटेल और करुणेश पाल सहित अनेक स्थानीय समाजसेवियों और समाजजनों ने सराहनीय योगदान दिया।

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