Screenshot_2026-04-08_164106-removebg-preview
Join Community
Screenshot_2026-04-08_164106-removebg-preview
चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल का सश्रम कारावास, 1.63 लाख रुपए प्रतिकर का आदेश, अधिवक्ता उमेश साहू ने दिलाया न्याय

भोपाल। चेक बाउंस के एक मामले में जिला न्यायालय भोपाल ने आरोपी विपिन कुमार शुक्ला को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को परिवादी भूपेंद्र यादव को 1 लाख 63 हजार 600 रुपए प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश भी दिया है। प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता उमेश साहू ने प्रभावी पैरवी की। प्रकरण के अनुसार भूपेंद्र यादव और आरोपी विपिन कुमार शुक्ला के बीच पूर्व से परिचय था। आरोपी ने अपनी निजी आवश्यकता के लिए परिवादी से 1 लाख 12 हजार रुपए उधार लिए थे। राशि वापस करने का आश्वासन देते हुए आरोपी ने इसके भुगतान के लिए चेक क्रमांक 000145, राशि 1,12,000 रुपए, दिनांक 20 जुलाई 2021 एचडीएफसी बैंक, शाखा बैरसिया, भोपाल का चेक परिवादी को दिया था।  परिवादी ने उक्त चेक को बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक “अपर्याप्त निधि” की टिप्पणी के साथ अनादरित होकर वापस हो गया। इसके बाद परिवादी की ओर से आरोपी को 11 अगस्त 2021 को विधिक नोटिस भेजकर चेक की राशि का भुगतान करने की मांग की गई। नोटिस प्राप्त होने के बावजूद आरोपी ने निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं किया। इसके बाद भूपेंद्र यादव ने न्यायालय में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से चेक, बैंक रिटर्न मेमो, विधिक नोटिस, डाक रसीद तथा पक्षकारों के बीच हुए अनुबंध संबंधी दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि आरोपी द्वारा परिवादी से ली गई राशि के भुगतान के लिए ही संबंधित चेक जारी किया गया था। आरोपी की ओर से चेक पर किए गए हस्ताक्षर का भी प्रभावी खंडन नहीं किया गया।  न्यायालय ने चेक अनादरण और निर्धारित समय में राशि का भुगतान नहीं किए जाने के आरोप को प्रमाणित मानते हुए आरोपी विपिन कुमार शुक्ला को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंजली सिंह ने 3 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। न्यायालय ने परिवादी को आर्थिक क्षति एवं राशि के लंबे समय तक उपयोग से वंचित रहने को देखते हुए 1 लाख 12 हजार रुपए की मूल राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के आधार पर 1 लाख 63 हजार 600 रुपए प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया है। प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त एक माह के सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया है। साथ ही परिवादी के खर्च के लिए 500 रुपए तथा न्याय शुल्क 5,480 रुपए भी अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण में भूपेंद्र यादव की ओर से अधिवक्ता उमेश साहू की प्रभावी पैरवी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके बाद न्यायालय ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया।

One thought on “चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल का सश्रम कारावास, 1.63 लाख रुपए प्रतिकर का आदेश, अधिवक्ता उमेश साहू ने दिलाया न्याय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *